Hindi Poetry

मैं पत्रकार हूँ

Source- NDTV
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मैं पत्रकार हूँ
हाँ, मैं पत्रकार हूँ।

ख़बरों की खबर लिए
निर्भीक और निडर बने
मैं तेरा स्तम्भकार हूँ।
हाँ, मैं पत्रकार हूँ।

कलम है मेरे हाथ में
है सत्य मेरी बात में
ना मोल से, ना लोभ से
ना ताकतों के रौब से
झुका नहीं, टिका रहा
मैं ऐसा वज्रहार हूँ।

हाँ, मैं पत्रकार हूँ।

तू चाहे मुझको तोड़ दे
चाहे तू मेरी जान ले
जलना पड़े अंगार में
या गोली की बौछार में
मैं सच की राह पर चलूँ
ना डरूँ, ना विश्राम लूँ
जो शब्द- शस्त्र से लड़ूँ
मैं ऐसा व्यंग्यकार हूँ।

हाँ, मैं पत्रकार हूँ।

मैं जा रहा हूँ, मेरे पीछे
देश सारा रो रहा
ये मत समझना, ये मेरा
विद्रोह शांत हो रहा
ये कलम उठती रहे,
क्रांति का अंगार ले,
हर झूठ के विरोध में
सतत खड़ा तैयार हूँ।

मैं पत्रकार हूँ।
हाँ, मैं पत्रकार हूँ। ©

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